रुद्रपुर में ‘खेत बचाओ अभियान’ का आगाज: ₹369.66 करोड़ की कृषि परियोजनाओं की सौगात
इस मेगा इवेंट का उद्घाटन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया
रुद्रपुर: उत्तराखंड में कृषि स्थिरता और ग्रामीण विकास को एक बड़ी रफ्तार देते हुए शुक्रवार को रुद्रपुर के गांधी मैदान में “खेत बचाओ अभियान” का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर राज्य के कृषि पारिस्थितिकी तंत्र, बागवानी और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को बदलने के उद्देश्य से ₹369.66 करोड़ की 41 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।
बुनियादी ढांचा और वित्तीय आवंटन
ग्रामीण विकास और कृषि आधुनिकीकरण पर केंद्रित इस ₹369.66 करोड़ के पैकेज को दो मुख्य भागों में विभाजित किया गया है:
- ₹46.32 करोड़: इस राशि से पूरी हो चुकी 9 विकास परियोजनाओं का तत्काल लोकार्पण (उद्घाटन) किया गया।
- ₹323.34 करोड़: इस भारी-भरकम राशि से 32 नई दूरगामी परियोजनाओं की आधारशिला (शिलान्यास) रखी गई।
उत्तराखंड को ‘बागवानी हब’ बनाने का विजन
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तराखंड को देश का अग्रणी बागवानी केंद्र बनाने पर विशेष जोर दिया। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गईं:
- क्लीन प्लांट सेंटर (Clean Plant Center): मुक्तेश्वर में ₹100 करोड़ की लागत से एक अत्याधुनिक केंद्र स्थापित किया जाएगा, जो किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले सेब, अखरोट और बादाम के पौधे उपलब्ध कराएगा।
- उत्कृष्टता केंद्र (Center of Excellence): अल्मोड़ा के चौबत्तिया में ₹15 करोड़ की लागत से एक उत्कृष्टता केंद्र बनाया जाएगा। इसके साथ ही, न्यूजीलैंड के सहयोग से ₹15 करोड़ की कीवी उत्पादन परियोजना भी शुरू की जाएगी।
- नर्सरी अनुदान: बड़ी नर्सरियों की स्थापना के लिए ₹4 करोड़ और छोटी नर्सरियों के लिए ₹2 करोड़ की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
“कृषि केवल उत्पादन का जरिया नहीं है, बल्कि धरती के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। जलवायु परिवर्तन और गिरते भूजल स्तर जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए हमें मृदा संरक्षण, वैज्ञानिक परीक्षण और प्राकृतिक खेती को अपनाना होगा।”
— शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कृषि मंत्री
फसल सुरक्षा और तकनीकी सहायता
जंगली जानवरों और मौसम के अनपेक्षित बदलावों से किसानों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं:
- बाड़ लगाने के लिए ₹65 करोड़: जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए कांटेदार तार (चैन-लिंक फेंसिंग) लगाने हेतु ₹65 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
- स्वचालित मौसम स्टेशन: राज्य भर में वेदर स्टेशनों के नेटवर्क के लिए ₹104 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इससे मौसम के सटीक आंकड़े मिलेंगे, जिससे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ किसानों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।
भावी पीढ़ियों के लिए एक ‘जन आंदोलन’: सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “खेत बचाओ अभियान” को महज एक सरकारी योजना न मानकर इसे भावी पीढ़ियों की रक्षा के लिए एक “जन आंदोलन” करार दिया। उन्होंने कहा कि समृद्ध किसान और उपजाऊ मिट्टी ही विकसित उत्तराखंड की नींव हैं।
उन्होंने राज्य में चल रही प्रमुख किसान कल्याणकारी योजनाओं का भी जिक्र किया:
- किसानों को ₹3 लाख तक का ब्याज मुक्त कृषि ऋण।
- नहर प्रणालियों के माध्यम से मुफ्त सिंचाई की सुविधा।
- कृषि मशीनरी बैंक योजना के तहत 80% तक की भारी सब्सिडी।
- मंडुआ और झांगोरा जैसी पारंपरिक फसलों को मजबूत करने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का प्रस्ताव।
इस अभियान के समानांतर, गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GBPUAT), पंतनगर में दो दिवसीय पूर्व छात्र सम्मेलन (Alumni Meet) का भी उद्घाटन किया गया। केंद्रीय मंत्री ने देश की हरित क्रांति में इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक योगदान की जमकर सराहना की।